स्कूल-कॉलेज में हिजाब विवाद: प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री बोले- सख्ती से लागू हो ड्रेस कोड
भोपाल: कर्नाटक के हिजाब की आग की आंच मध्य प्रदेश तक पहुंच चुकी है। एमपी के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा है कि हिजाब स्कूल यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं है और ड्रेस कोड को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।


इंदर सिंह परमार ने मंगलवार को कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग स्कूल की यूनिफॉर्म से संबंधित मुद्दों की जांच करेगा। पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या मध्य प्रदेश में हिजाब पर प्रतिबंध लगाया जाएगा, इस पर उन्होंने कहा कि यह स्कूल की यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं है इसलिए इस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र के लिए जल्द ही स्कूल यूनिफॉर्म से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए जाएंगे।
उन्होंने साफ कहा कि “ऐसी परंपराओं का पालन घर पर ही किया जाना चाहिए। हम स्कूली शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाकर मामले की जांच कराएंगे।” उन्होंने ये भी कहा कि स्कूली शिक्षा को योजनाबद्ध तरीके से गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। विभाग स्कूलों में ड्रेस कोड पर काम कर रहा है ताकि छात्र अनुशासित रहें।
#WATCH कर्नाटक: उडुपी के महात्मा गांधी मेमोरियल कॉलेज में हिजाब और भगवा स्कार्फ पहनकर आए छात्रों ने नारेबाजी की। pic.twitter.com/1JYUOsg52n
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 8, 2022
क्या है हिजाब विवाद
कर्नाटक में कई स्कूल-कॉलेज में हिजाब को लेकर बवाल चल रहा है. एक तरफ मुस्लिम छात्राएं स्कूल-कॉलेज में हिजाब पहन अपना विरोध दर्ज करवा रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ कई छात्र भगवा स्कार्फ पहन अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं. मामला हाई कोर्ट तक पहुंच गया है, जिसपर आज ही सुनवाई हो रही है.
हिजाब विवाद के बीच हाल हाल ही में कर्नाटक सरकार ने राज्य में Karnataka Education Act-1983 की धारा 133 लागू कर दी है. इस वजह से अब सभी स्कूल-कॉलेज में यूनिफॉर्म को अनिवार्य कर दिया गया है. इसके तहत सरकारी स्कूल और कॉलेज में तो तय यूनिफॉर्म पहनी ही जाएगी, प्राइवेट स्कूल भी अपनी खुद की एक यूनिफॉर्म चुन सकते हैं.
बता दें कि ये विवाद पिछले महीने जनवरी में तब शुरू हुआ था, जब उडुपी के एक सरकारी कॉलेज में 6 छात्राओं ने हिजाब पहनकर कॉलेज में एंट्री ली थी. विवाद इस बात को लेकर था कि कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए मना किया था, लेकिन वे फिर भी पहनकर आ गई थीं. उस विवाद के बाद से ही दूसरे कॉलेजों में भी हिजाब को लेकर बवाल शुरू हो गया, जिसके चलते कई जगहों पर पढ़ाई प्रभावित हो रही है और मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है.
मुस्लिम छात्राओं का कहना है कि वे पहले से हिजाब पहनकर पढ़ाई करती आ रही हैं और पहले कभी इस पर कोई विवाद नहीं था. जबकि दूसरा तबका मानता है कि शिक्षा का यूनिफॉर्म से कोई लेना-देना नहीं है और सभी को स्कूल में एक समान ही रहना चाहिए.

