BIG NEWS: नवा रायपुर किसान आंदोलन में एक किसान बुजुर्ग की मौत
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि नवा रायपुर किसान आंदोलन में एक बुजुर्ग किसान की मौत हो गई है। 27 गांव के किसान अपनी मांगों को लेकर 68 दिनों से नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के पास प्रदर्शन कर रहे है। इसी क्रम में शुक्रवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और हजारों की संख्या में किसान मंत्रालय घेराव करने पैदल निकल पड़े। इस दौरान अचानक एक किसान बेहोश होकर गिर पड़ा जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इधर किसान की मौत की खबर सुनकर प्रशासनिक अधिकारियों के होश उड़ गए। वे इस पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है।


गौरतलब है कि नवा रायपुर किसान समिति के बैनर तले चल रहे प्रदर्शन को सवा दो महीने से ज्यादा हो चूका हैं जो अब शासन-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। शुक्रवार को प्रदर्शन में 66 वर्षीय किसान सियाराम पटेल धरना के दौरान सड़क पर बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद मौके पर मौजूद मेडिकल टीम पहुंचे। स्थिति को देखते हुए तुरंत बालको अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने किसान को मृत घोषित कर दिया। बुजुर्ग किसान सियाराम नवा रायपुर के बरौदा गांव के रहने वाले थे। उनकी भी जमीन नवा रायपुर विकास प्राधिकरण ने ली थी। वे अपनी जमीन की मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलनरत थे
वहीं बता दें कि रायपुर के कलेक्टर सौरभ कुमार ने नवा रायपुर में धारा 144 लागू कर दी है। इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए जिला प्रशासन के आदेश में कहा गया है कि ‘नवा रायपुर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से ऐसा किया जाना बेहद जरूरी है। अफसरों ने एक रिपोर्ट भी कलेक्टर को सौंपी थी, जिस पर फैसला करते हुए अब 10 मार्च से मंत्रालय के चारों तरफ 100 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू कर दी गई है। ‘
इन सड़कों पर धारा-144
राखी थाना चौक से मंत्रालय महानदी भवन सचिवालय इंद्रावती भवन परिसर तक पीएचक्यू चौक से मंत्रालय महानदी भवन सचिवालय इंद्रावती भवन परिसर तक शीतला मंदिर चौक से मंत्रालय महानदी भवन सचिवालय इंद्रावती भवन तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक से मंत्रालय महानदी भवन सचिवालय इंद्रावती भवन परिसर तक

