April 18, 2026

Pandit Dhirendra Shastri Divya Darbar: रायपुर में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इस दिन लगाएंगे दिव्य दरबार: आज से सुनाएंगे हनुमंत कथा

Screenshot_20251004-210958_Photos~2

Raipur Me Pandit Dhirendra Shastri Ka Divya Darbar: रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज से भक्ति, संस्कृति और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। गुढियारी इलाके में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आज से दिव्य दरबार और हनुमंत कथा की शुरुआत कर दी है। 4 से 8 अक्टूबर तक चलने वाला यह आयोजन न केवल धार्मिक भक्ति का केंद्र बनेगा, बल्कि यहां समाज सेवा, अनुशासन और सांस्कृतिक एकता का भी अद्भुत उदाहरण देखने को मिलेगा।


इस विशाल आयोजन का दायित्व ‘स्व. पुरुषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन’ ने संभाला है, जिसकी अगुवाई समाजसेवी चंदन अग्रवाल और बसंत अग्रवाल कर रहे हैं। आयोजन स्थल पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। बीते 14 सितंबर को स्थल का पूजन-अर्चन और शुभारंभ किया गया था, जिसके बाद से तैयारियां जोरों पर हैं।

सुरक्षा और व्यवस्था: हर स्तर पर खास इंतजाम

भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। आयोजन स्थल को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। साथ ही किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल के साथ 5 हजार बाउंसर तैनात रहेंगे। यातायात नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खास योजना बनाई गई है ताकि भीड़ में किसी को असुविधा न हो।

मुख्य आयोजक बसंत अग्रवाल ने बताया कि आयोजन का केंद्रीय नियंत्रण कार्यालय सभी गतिविधियों का संचालन करेगा — पंडाल, भंडारा, सुरक्षा, यातायात और बैठने की व्यवस्था का समन्वय यहीं से किया जाएगा।

भक्तों की सुविधा: ई-रिक्शा, भंडारा और पार्किंग की व्यवस्था

भक्तों की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए फाउंडेशन ने 200 नि:शुल्क ई-रिक्शा की व्यवस्था की है, जो 4 से 8 अक्टूबर तक श्रद्धालुओं को कथा स्थल तक लाने-ले जाने का कार्य करेंगे। खासकर बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए यह सेवा राहत भरी होगी।

साथ ही प्रतिदिन रात 9 बजे और सुबह 10 बजे नि:शुल्क भोजन (भंडारा) की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सेवा में 8 हजार से अधिक स्वयंसेवक दिन-रात सक्रिय रहेंगे। भारी वाहन और दोपहिया वाहनों की पार्किंग के लिए साइंस कॉलेज मैदान, कोटा मैदान और डब्ल्यूआरएस कॉलोनी मैदान में विस्तृत व्यवस्था की गई है।

आस्था और एकता का संदेश

यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सामाजिक एकजुटता और सेवा भावना का प्रतीक बन रहा है। लाखों श्रद्धालुओं के बीच अनुशासन, व्यवस्था और भक्ति का यह संगम राजधानी रायपुर को एक बार फिर धार्मिक ऊर्जा के केंद्र में तब्दील करेगा।

4 से 8 अक्टूबर तक चलने वाला यह दिव्य दरबार न केवल भक्ति का उत्सव होगा, बल्कि रायपुर के इतिहास में श्रद्धा, सुरक्षा और सेवा के उत्कृष्ट समन्वय का उदाहरण बनकर दर्ज होगा।


You may have missed