August 19, 2026

रेल्वे यात्री के लिए अच्छी खबर: राजधानी एक्सप्रेस में लीजिए ‘तेजस’ का मजा…विधाएं इतनी कि विदेशों की ट्रेन भी फेल!

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भारतीय रेलवे की ए ग्रेड सर्विस मानी जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में अब देश की पहली प्राइवेट ट्रेन ‘तेजस एक्सप्रेस’ की तरह आनंद मिलेगा. दरअसल, पश्चिम रेलवे की ओर से दिल्ली-मुंबई राजधानी एक्सप्रेस में तेजस ट्रेन की ही तरह अपग्रेडेड स्मार्ट सुविधाओं से लैस आकर्षक स्लीपर कोच रैक लगाए गए हैं. चमकीले सुनहरे रंग के ये कोच बाहर से जितने शानदार दिखते हैं, अंदर से भी उतने ही स्मार्ट हैं


इन कोचेस में सुविधाएं इतनी शानदार है जो यात्रियों को बेहतरीन यात्रा का अनुभव देंगी. सोमवार से इस आकर्षक रैक के साथ ट्रेन का परिचालन शुरू हो गया है. पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी (CPRO) सुमित ठाकुर ने बताया कि महाप्रबंधक (GM) आलोक कंसल के मार्गदर्शन में यह इतनी जल्दी संभव हो पाया है.

सीपीआरओ ने बताया कि 02951/52 मुंबई-नई दिल्ली राजधानी स्पेशल एक्सप्रेस पश्चिम रेलवे की सबसे प्रतिष्ठित और प्रीमियम ट्रेनों में से एक है. इस ट्रेन को नए तेजस टाइप के स्लीपर कोच के साथ बदला गया है. ऐसे दो तेजस टाइप स्लीपर कोच रैक राजधानी एक्सप्रेस के रूप में चलाने के लिए तैयार किए गए हैं. दोनों रैक में से एक विशेष तेजस स्मार्ट स्लीपर कोच शामिल हैं, जो भारतीय रेलवे पर शुरू होने वाला अपनी तरह का पहला कोच है.

…क्योंकि ये आराम का मामला है
नई ट्रेन में यात्री सुरक्षा के साथ उनकी आरामदायक यात्रा के लिए कोच विशेष स्मार्ट फीचर्स से लैस हैं. स्मार्ट कोच का उद्देश्य इंटेलिजेंट सेंसर-आधारित सिस्टम की मदद से यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं प्रदान करना है. यह जीएसएम नेटवर्क कनेक्टिविटी के साथ प्रदान की गई यात्री सूचना और कोच कम्प्यूटिंग यूनिट (PICCU) से लैस है, जो रिमोट सर्वर को रिपोर्ट करता है.

सीपीआरओ ने बताया कि तेजस स्मार्ट कोच के उपयोग के साथ, भारतीय रेलवे का लक्ष्य प्रिवेंटिव मेंटेनेंस की ओर बढ़ना है. यानी ‘समस्या का समाधान करने वाली स्थिति’ की बजाय ‘समस्या पैदा ही न हो’ वाली स्थिति को हासिल करना रेलवे का लक्ष्य है. लंबी दूरी की यात्रा के लिए इस आधुनिक तेजस टाइप स्लीपर ट्रेन की शुरुआत को भारतीय रेलवे द्वारा एक और आदर्श बदलाव बताया जा रहा है.

ट्रेन में होंगी ये स्मार्ट सुविधाएं:
यात्री उद्घोषणा और सूचना प्रणाली: प्रत्येक कोच के अंदर दो एलसीडी यात्रियों को यात्रा सम्बंधी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे अगला स्टेशन, शेष दूरी, आगमन का अपेक्षित समय, देरी और सुरक्षा सम्बंधी संदेश प्रदर्शित करेंगे.

डिजिटल डेस्टिनेशन बोर्ड: फ्लश टाइप एलईडी डिजिटल डेस्टिनेशन बोर्ड प्रत्येक कोच पर प्रदर्शित डेटा को दो पंक्तियों में विभाजित करके स्थापित किया गया है. पहली पंक्ति ट्रेन संख्या और कोच टाइप बताएगी, जबकि दूसरी पंक्ति गंतव्य और मध्यवर्ती स्टेशन के स्क्रॉलिंग टेक्स्ट को कई भाषाओं में प्रदर्शित करती है.

सुरक्षा और निगरानी: प्रत्येक कोच में छह कैमरे लगे हैं, जो लाइव रिकॉर्डिंग करते हैं. डे-नाइट विजव वाले सीसीटीवी कैमरे, कम रोशनी की स्थिति में भी चेहरे की पहचान करेंगे. इसमें नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर लगाये गये हैं.
ऑटोमेटिक प्‍लग गेट: सभी मुख्य प्रवेश द्वार गार्ड द्वारा कंट्रोल्‍ड हैं. यानी जब तक सभी दरवाजे बंद नहीं हो जाते तब तक ट्रेन शुरू नहीं होती है.

फायर अलार्म, डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम: सभी कोचों में ऑटोमैटिक फायर अलार्म और डिटेक्शन सिस्टम लगाए गए हैं. पेंट्री और पावर कारों में आग लगने का पता चलने पर ऑटोमैटिक अग्नि शमन प्रणाली कार्य शुरू कर देती है.


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