पैदा हुई चौथी बेटी तो पिता चल पड़ा आत्महत्या करने, बिलखती रही मां दादी ने…
बिहार के बगहा (Bagaha Bihar) में एक पिता ने अपनी नवजात बच्ची (Newborn baby) को अपनाने से इनकार कर दिया. यहां एक अस्पताल में बेटी के जन्म लेने के बाद उसके पिता ने उसे घर ले जाने से मना कर दिया. जिसके बाद यहां घंटो हंगामा होता रहा.


अस्पताल के बिस्तर पर पड़ी बेटी को जन्म देने वाली मां की आंसू नहीं थम रहे हैं. वो रो-रो कर कह रही है अगर बच्ची को लेकर वो घर आईं तो उसे उसका पिता उसे जान से मार देंगे. इधर बेटी के बाप ने खुद भी जान देने की कोशिश की है. बताया जा रहा है कि उसने गांव के एक तालाब में डूब कर खुदकुशी करने की कोशिश की. स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद उसे तालाब से बाहर निकाला जिसके बाद उसकी जान बचायी जा सकी
बेटे की चाहत में चौथी बेटी का जन्म
दरअसल बगहा के शास्त्रीनगर पोखरा टोला के रहने वाले प्रदीप सहनी की पत्नी ने बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में बेटी को जन्म दिया. यह खबर जब प्रदीप सहनी को मिली तो वह आत्महत्या करने तालाब में कूद गया. इसके बाद गांव वालों ने उसे तालाब से निकाला और उसकी जान बचाई. ग्रामीणों के पूछने पर उसने बताया कि उसे बेटे की चाहत थी लेकिन उसकी पत्नी ने चौथी बार बेटी को जन्म दिया है.
यह सुनकर गांव वाले हैरान रह गए. जिसके बाद लोगों ने उसे समझाया कि बेटा और बेटी दोनों समान है और भगवान का वरदान है. बेटी को ही अच्छे से पढ़ाई लिखाई कराएं और उसे आगे बढ़ाएं. ग्रामीणों ने उसे समझा बुझाकर बेटी और पत्नी के लाने के लिए अस्पताल भेजा.
दादी ने भी पोती को अपनाने से किया इंकार
मां के साथ अस्पताल पहुंचे प्रदीप को देखकर उसकी पत्नी गीता को लगा कि फूल सी बेटी को देखकर उसके पति का सारा गुस्सा ठंडा हो जाएगा. लेकिन यहां भी प्रदीप हंगामा करने लगा और बेटी को ले जाने से मना करने लगा. प्रदीप के साथ उसकी मां ने भी पोती को अपनाने से इंकार कर दिया.
इस दौरान मां अपनी नवजात बेटी की किस्मत पर फूट-फूट कर रोती रहीं. इसके बावजूद किसी का दिल नहीं पसीजा इधर
गीता देवी की सास, पति प्रदीप सहनी और गीता देवी के परिजनों के बीच इस दौरान बेटी को घर ले जाने को लेकर काफी देर तक बकझक होती रही. गीता देवी ने जब भरोसा दिलाया कि वह बेटी का भरण पोषण खुद कर लेगी और अस्पताल प्रशासन की सख्ती के बाद नवजात बच्ची को उसकी दादी अपने साथ घर ले गयी.

