April 22, 2026

ओमिक्रॉन कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से कहीं ज्यादा खतरनाक, जानिए क्या हो सकते हैं इसके लक्षण

coco

अभी पूरी दुनिया डेल्टा वैरिएंट की मार से उबरने की कोशिश कर ही रही थी कि कोरोना के नए वैरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ ने दस्तक दे दी है। साउथ अफ्रीका में मिले इस नए वैरिएंट ने एक बार फिर से दुनिया भर के हेल्थ एक्सपर्ट्स और साइंटिस्ट की चिंता बढ़ा दी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये वैरिएंट कोरोना वायरस का सबसे संक्रामक और घातक वैरिएंट हो सकता है।


चिंता की बात ये है कि, पहचाने जाने के सिर्फ दो दिन में ही WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने ओमिक्रॉन को वैरिएंट ऑफ कंसर्न (VoC) घोषित कर दिया है।

बता दें कि, दुनिया में सबसे ज्यादा तबाही मचाने वाले डेल्टा वैरिएंट को भी पहले VoC घोषित किया गया था। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का पहला केस 24 नवंबर 2021 को साउथ अफ्रीका में मिला था। साउथ अफ्रीका के अलावा यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, इटली, बेल्जियम, बोत्सवाना, हांगकांग और इजराइल में भी इस वैरिएंट की पहचान हुई है। इस वैरिएंट के सामने आने के बाद दुनिया के कई देशों ने दक्षिणी अफ्रीका से आने-जाने यात्रियों पर रोक लगा दी है।

क्या है नया वेरिएंट?
अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक ओमिक्रॉन वेरिएंट में कई स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन हैं और काफी ज्यादा संक्रामक है। कोरोना महामारी के अब तक कई वेरिएंट सामने आ चुके हैं। वैज्ञानिक भी नए वेरिएंट्स पर नजर लगाए हुए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि यह वेरिएंट इम्यूनिटी को तेजी से मात देने में कुशल है और यह अभी तक का सबसे ज्यादा खतरनाक वेरिएंट बताया जा रहा है।

क्या है लक्षण?
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान (एनआईसीडी) ने कहा है ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित होने पर कोई असामान्य लक्षण नहीं बताया गया है।” एनआईसीडी ने यह भी कहा कि डेल्टा की तरह ओमिक्रॉन से संक्रमित हुए कुछ लोग भी एसिम्टोमेटिक थे यानी उनमें कोई लक्षण दिखाई नहीं दिए थे।

WHO के अनुसार, वर्तमान SARS-CoV-2 PCR इस वेरिएंट की पहचान करने में सक्षण है। इस नए वेरिएंट को देखते हुए भारत भी सतर्क हो गया है मुंबई में दक्षिण अफ्रीका से आने वाले यात्रियों को क्वारंटाइन में रहना होगा और टेस्ट कराना होगा।


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