Monkeypox Virus: कोरोना के बीच प्रदेश में मंकी पॉक्स वायरस को लेकर अलर्ट जारी
भोपाल: देशभर में एक ओर जहां कोरोना वायरस (कोविड-19) का खतरा अभी टला नहीं था, तो वहीं दूसरी ओर मंकी पॉक्स वायरस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि मंकी पॉक्स के ज्यादातर मामले ब्रिटेन और अमेरिका में सामने आए हैं।


मप्र में भी अलर्ट
तेजी से फैल रहे मंकी पॉक्स को लेकर मध्यप्रदेश में भी अलर्ट हुआ है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मध्यप्रदेश में विशेष सावधानी रखने के निर्देश दिए हैं। इनमें भोपाल, इंदौर के एयर पोर्ट्स पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि अब तक 11 देशों में मंकी पॉक्स के मामले सामने आए हैं। तेजी से बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा हैं। मंकी पॉक्स से पीड़ित मरीज के शरीर पर दाने और घाव होने लगते हैं।
क्या है मंकीपॉक्स वायरस
स्मॉल पॉक्स और चेचक से तो हर कोई परिचित होगा। कुछ इसी तरह मंकी पॉक्स भी है। मंकी पॉक्स को चेचक का ही एक हिस्सा माना जाता है। इस बीमारी पर एक्सपर्ट्स की राय मानें तो ये बीमारी काफी दुर्लभ है। लेकिन समय रहते अगर इलाज न हुआ तो यह गंभीर भी हो सकती है। बता दें कि फिलहाल इसका खतरा मध्य और पश्चिम अफ्रीकी देशों में पाया जाता है।
जानिए कैसे फैलता है लोगों में
वहीं, अगर बात करें कि ये फैलता कैसे है, तो बता दें कि अगर कोई व्यक्ति मंकी पॉक्स से संक्रमित है। ऐसे में अगर स्वस्थ व्यक्ति पीड़ित के पास जाता है तो वह भी इस वायरस के चपेट में आ सकता है। जानकारी के मुताबिक, यह आपके नाक, आंख और मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश करता है।
क्या हैं इसके लक्षण?
मंकीपॉक्स के संक्रमण से लक्षणों की शुरुआत तक आमतौर पर 6 से 13 दिनों तक होती है, लेकिन यह 5 से 21 दिनों तक हो सकती है। बुखार, तेज सिरदर्द, लिम्फ नोड्स की सूजन, पीठ दर्द, मांसपेशियों में दर्द और एनर्जी की कमी जैसे लक्षण इसकी विशेषता हैं जो पहले स्मॉल पॉक्स की तरह ही नजर आते हैं। इसके साथ ही त्वचा का फटना आमतौर पर बुखार दिखने के 1-3 दिनों के भीतर शुरू हो जाता है। दाने गले के बजाय चेहरे और हाथ-पांव पर ज्यादा केंद्रित होते हैं। यह चेहरे और हाथों की हथेलियों और पैरों के तलवों को ज्यादा प्रभावित करता है।

