गलत तरीके से लिया है पीएम किसान योजना का फायदा तो लौटानी होगी रकम, ऐसे चेक करें अपनी पात्रता
नई दिल्ली: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के तहत हर साल छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता किसानों को दी जाती है। दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तों में दी जाने वाली इस राशि को सीधे किसानों के बैंक अकाउंट में डाला जाता है। पीएम किसान योजना की 11 किस्तें अब तक किसानों के खाते में आ चुकी है। ऐसा भी नहीं है कि देश के हर उस आदमी को पीएम सम्मान योजना का लाभ मिलता है, जिसके पास खेती की जमीन है।


कुछ किसानों को इस योजना से बाहर भी रखा गया है। लेकिन फिर भी बहुत-से ऐसे लोग पीएम किसान योजना का लाभ उठा रहे हैं, जो इसके पात्र नहीं है। सरकार ने अब इस योजना में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं और अपात्र किसानों से इस योजना की राशि को वापस लेना भी शुरू कर दिया।
कौन नहीं हैं पात्र
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ हर वह व्यक्ति नहीं ले सकता, जिसके पास कृषि भूमि है, इसके लिए सरकार ने कुछ नियम बनाए हैं। सरकार ने ऐसे लोगों की सूची बनाई है, जिनको इस योजना से बाहर रखा गया है, जो लोग इस योजना का लाभ नहीं ले सकते उनमें शामिल हैं-
संस्थागत भूमिधारक, वह किसान जिनके पास सरकारी खेत, किसी ट्रस्ट के खेत व सहकारी खेत आदि हों।
ऐसे किसान परिवार जिनके घर में पहले या वर्तमान में किसी शख्स के पास संवैधानिक पद हो।
केंद्र या राज्य सरकारों, कार्यालयों और विभागों के वर्तमान या सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी।
केंद्र या राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और संबद्ध कार्यालयों या केंद्र के तहत स्वायत्त संस्थानों के वर्तमान या पूर्व अधिकारी।
वे पेंशनभोगी, जो 10,000 रुपये या उससे अधिक की मासिक पेंशन प्राप्त करते हैं।
जिन्होंने, पिछले आकलन वर्षों में आयकर का भुगतान किया है।
अन्य पेशेवर जैसे इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट व अन्य पेशेवर निकायों के साथ पंजीकृत व्यक्ति।
पति-पत्नी दोनों भी एक साथ इस प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं ले सकते।

