महाकाल की ‘शाही सवारी’ का बदला नाम: ‘शाही’ शब्द पर छिड़े विवाद के बाद CM ने लिया एक्शन
उज्जैन : मध्य प्रदेश के उज्जैन में जहां आज भादो माह में बाबा महाकाल की आखिरी शाही सवारी निकाली गई, तो वही दूसरी तरफ सीएम मोहन ने “शाही’ शब्द पर छिड़े विवाद के बाद बड़ा एक्शन लेते हुए शाही सवारी’ का नाम बदल दिया है। नाम बदलने की मांग खुद बीजेपी के दिग्गज नेता वीडी शर्मा और बीजेपी के पूर्व विधायक यशपाल सिसोदिया ने की थी।


‘राजसी सवारी’ होगा नया नाम
सीएम मोहन ने वीडियो जारी कर महाकाल की ‘शाही सवारी’ के नाम बदलने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ‘बाबा महाकाल’ की सवारी के आगे से शाही शब्द हटा दिया गया है। अब से नया नाम ‘राजसी सवारी’ दिया गया है।
श्रद्धालुओं का राजसी सवारी में स्वागत
इसके साथ ही सीएम ने कहा कि आज उज्जैन में बाबा महाकाल की आखिरी “राजसी सवारी” निकल रही है। बाबा का जनता से सीधा सरोकार है। उनकी कृपा सब पर बनी रहे। इस साल आदिवासी कलाकार शामिल किये गए और शासकीय बैंड शामिल किए गए।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने आगे कहा कि यह मात्र सवारी नहीं, अपितु बाबा का जनता के साथ सीधा सरोकार है। मैं देश-विदेश से पधारे श्रद्धालुओं का बाबा महाकालेश्वर की राजसी सवारी में स्वागत, वंदन एवं अभिनन्दन करता हूं।
जानें क्या है पूरा मामला
बता दें कि महाकाल की अंतिम सवारी सबसे भव्य होती है, इसलिए इसे ‘शाही सवारी’ कहा जाता रहा है। किंतु इसे ‘शाही’ कहने पर उज्जैन के संतों, विद्वानों और अखाड़ों के साधुओं में असहमति व आक्रोश है।
इधर, इस मामले को लेकर कालिदास संस्कृत अकादमी, उज्जैन के निदेशक डॉ. गोविंद गंधे कहते हैं- महाकाल की सवारी को शाही कहना उनका अपमान है। शाह तो मुगलों, यवनों का शब्द है।
तो वही मंदसौर विधायक ने ट्वीट कर सीएम से शाही शब्द हटाने की मांग की है। तो वही वीडी शर्मा ने भी समर्थन देते हुए कहा कि गुलामी के प्रतीक कोई भी शब्द देश में स्वीकार नहीं होंगे।

