BIG NEWS: सियासी बवाल के बीच नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान, जानिए कौन बैठेंगे कर्नाटक की कुर्सी में
बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफे के एक दिन बाद ही कर्नाटक में नए मुख्यमंत्री का ऐलान कर दिया गया है. मंगलवार को विधायक दल की बैठक में राज्य के गृह मंत्री बासवराज बोम्मई को नया मुख्यमंत्री चुन लिया गया. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केंद्रीय नेतृत्व ने बेंगलुरु के एक निजी होटल में पार्टी विधायक दल की बैठक बुलाई, जिसमें यह फैसला लिया गया. येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद बोम्मई सीएम पद की रेस में सबसे आगे चल रहे थे.


येदियुरप्पा की तरह ही बीजेपी ने एक बार फिर नए मुख्यमंत्री के रूप में लिंगायत समुदाय को ही चुना है. बोम्मई भी इसी समुदाय से आते हैं. यह माना जा रहा था कि नेतृत्व में बदलाव के लिए बीजेपी अपनी कोर वोट बैंक लिंगायत समुदाय को दरकिनार नहीं कर सकती है. इस समुदाय की आबादी राज्य की जनसंख्या का करीब 17 फीसदी है. येदियुरप्पा के हटाए जाने के बाद लिंगायत समुदाय बड़े स्तर पर पार्टी के फैसले का विरोध कर रही थी.
कौन हैं बासवराज बोम्मई?
61 साल के बासवराज बोम्मई सादर लिंगायत समुदाय से आते हैं, जो येदियुरप्पा के करीबी भी माने जाते हैं. उनके पिता एसआर बोम्मई भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. 28 जनवरी, 1960 को जन्मे बोम्मई पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर रह चुके हैं. वे 2008 में बीजेपी में शामिल हुए थे और पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार में जल संसाधन मंत्रालय का जिम्मा भी संभाल चुके हैं.
बोम्मई हावेरी जिले के शिगगांव सीट से विधायक हैं. 2008 के बाद उन्होंने लगातार इस सीट से जीत हासिल की है. इससे पहले वे जनता दल के टिकट पर धारवाड़ सीट से 1998 और 2004 में कर्नाटक विधानपरिषद के सदस्य चुने गए थे. अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट द न्यूज मिनट के मुताबिक, राजनीतिक जानकारों ने बताया कि बोम्मई अगले मुख्यमंत्री के रूप में येदियुरप्पा की पहली पसंद थे. लेकिन सीएम की रेस में दूसरे अन्य नेताओं की तरह वे आरएसएस के सदस्य नहीं हैं.
मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद बोम्मई ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मौजूदा स्थिति में ये एक बड़ी जिम्मेदारी है. मैं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के अनुरूप गरीबों के लिए काम करने की कोशिश करूंगा. मैंने कभी इसकी उम्मीद नहीं की थी. हालांकि मुझे अपनी मेहनत पर भरोसा था और मुझे इसका परिणाम मिला.”
कई महीनों से जारी अटकलों के बीच सोमवार को बीएस येदियुरप्पा ने अपनी सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा दिया था. 78 वर्षीय येदियुरप्पा ने भावुक होते हुए कहा था, “मैं दुखी होकर नहीं, बल्कि खुशी से ऐसा कर रहा हूं.” येदियुरप्पा ने 75 साल से अधिक उम्र होने के बावजूद उन्हें दो साल मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर देने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि वह केंद्रीय नेताओं की उम्मीदों के मुताबिक पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करेंगे.
येदियुरप्पा ने पिछले सप्ताह अचानक दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात की थी, जिसके बाद उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने को लेकर अटकलें तेज हो गई थी. येदियुरप्पा नवंबर 2007 में पहले कार्यकाल में सात दिनों तक मुख्यमंत्री रहे, मई 2008 से 3 साल दो महीने के लिए मुख्यमंत्री बने, मई 2018 में तीन दिनों के लिए वह मुख्यमंत्री बने और फिर 26 जुलाई 2019 से 2 सालों तक मुख्यमंत्री का उनका चौथा कार्यकाल रहा.

