April 19, 2026

अलर्ट: वायरल फीवर और कोरोना में कैसे करें अंतर, कहीं आप भी इन गलतफहमियों का तो नहीं हैं शिकार

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बारिश का मौसम कई लोगों को बहुत पसंद आता है, लेकिन ध्यान रहे कि यह अपने साथ मुसीबतें भी लेकर आता है। इस मौसम में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार यानी वायरल फीवर जैसी समस्याएं लोगों को खूब परेशान करती हैं। हालांकि वायरल फीवर की समस्या में अगर कुछ सावधानियां बरती जाएं तो यह 4-5 दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन चूंकि फिलहाल देशभर में कोरोना महामारी फैली हुई है, तो लोग वायरल फीवर होने पर भी डर जा रहे हैं कि कहीं उन्हें कोरोना तो नहीं हो गया।


दरअसल, कोरोना के कुछ लक्षण वायरल फीवर जैसे ही होते हैं, ऐसे में अधिकांश लोगों को भ्रम हो जाता है। अगर आप भी वायरल फीवर को कोरोना समझने की भूल कर रहे हैं तो चलिए आपको बता देते हैं कि दोनों में कैसे अंतर कर सकते हैं? गलतफहमी का शिकार नहीं होना है बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है

वायरल फीवर के लक्षण
मौसम में बदलाव के कारण हमारे शरीर में वायरल फीवर (बुखार) के लक्षण दिखने लगते हैं। थकान, खांसी, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, सिर दर्द और ठंड लगने जैसे लक्षणों से वायरल फीवर को पहचाना जा सकता है। ये वायरल समस्याएं भी वायरस की वजह से ही होती हैं, लेकिन कोरोना के कुछ और भी सामान्य लक्षण हैं, जिससे उनकी पहचान की जा सकती है।

कोरोना के लक्षण
बुखार, सर्दी-खांसी, गले में खराश, थकान और ठंड लगने लक्षण कोरोना के भी हो सकते हैं, लेकिन इसके और भी कई सामान्य लक्षण हैं, जिसमें सूखी खांसी, स्वाद और गंध महसूस न होना, त्वचा पर चकते होना, डायरिया आदि शामिल हैं। इन लक्षणों से कोरोना की पहचान की जा सकती है। 

वायरल फीवर है या कोरोना, कैसे जानें?
अगर आप पिछले दो हफ्ते में किसी ऐसी जगह से होकर आए हैं, जहां कोरोना बहुत फैला हुआ है या तेजी से फैल रहा है, तो आपको कोरोना की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। इसके अलावा अगर आप पिछले दो हफ्तों में किसी कोरोना मरीज के संपर्क में आए हैं, तो आपको कोरोना हो सकता है। ऐसे में जांच जरूर कराएं। अगर ऐसी कोई बात नहीं है तो लक्षण दिखने पर परेशान होने की जरूरत नहीं है, बल्कि डॉक्टर की सलाह पर वायरल फीवर की दवा ले लें, आप ठीक हो जाएंगे।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, कोरोना से संक्रमित व्यक्ति में तेज बुखार के साथ सूखी खांसी, सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द या भारीपन जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे लक्षणों पर विशेष रूप से ध्यान देने और डॉक्टर की सलाह पर तुरंत अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत होती है, क्योंकि ये जानलेवा हो सकते हैं। 

कोरोना के कई मरीज एसिम्टोमैटिक यानी बिना लक्षण वाले भी होते हैं, इसलिए विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है। बाहरी लोगों से हमेशा उचित दूरी बनाकर रहें, मास्क का इस्तेमाल करें और अपने मुंह, नाक, आंख को बार-बार छूने से बचें। अगर आप किसी ऐसी चीज को छूते हैं, जिससे आपको लगता है कि संक्रमण फैलने का खतरा है, तो साबुन पानी से कम से कम 20 सेकेंड तक हाथ जरूर धोएं या फिर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। 

सोर्स–Amar Ujala


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