अगर आप भी है रक्षाबंधन को लेकर कंफ्यूज: तो यहां जाने शुभ योग, शुभ मुहूर्त और भद्रा काल की पूरी जानकारी
रायपुरः श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन श्रवण नक्षत्र के दौरान ही रक्षा बंधन मनाया जाता है। देश के अधिकतर हिस्सों में 11 अगस्त दिन गुरुवार को रक्षाबंधन मनाया जाएगा और कुछ स्थानों पर 12 अगस्त को भी रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा| परंतु कई लोगों में भद्रा को लेकर शंका है, क्योंकि 11 अगस्त को पूरे दिन भद्राकाल रहेगा। राहु काल और भद्रा काल में राखी नहीं बांधी जाती है। तो ऐसे में क्या करना चाहिए।


पूर्णिमा तिथि प्रारंभ : 11 अगस्त को सुबह 10:38 से,
पूर्णिमा तिथि समाप्त : 12 अगस्त को सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर।
रक्षा बंधन शुभ योग
• रवि योग : रवि योग सुबह 05:30 से 06:53 तक रहेगा।
• आयुष्मान योग : 10 अगस्त 07:35 से 11 अगस्त दोपहर 03:31 तक।
• सौभाग्य योग : 11 अगस्त को दोपहर 03:32 से 12 अगस्त सुबह 11:33 तक।
• शोभन योग : घनिष्ठा नक्षत्र के साथ शोभन योग भी लगेगा।
रक्षा बंधन के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:37 से 12:29।
विजय मुहूर्त : दोपहर 02:14 से 03:07 तक।
गोधूलि मुहूर्त : शाम 06:23 से 06:47 तक।
सायाह्न संध्या मुहूर्त : शाम 06:36 से 07:42 तक।
अमृत काल मुहूर्त: शाम 06:55 से 08:20 तक।प्रात: 10:38 से शाम 08:50 तक है।
रक्षा बंधन पर भद्रा काल
भद्रा पूंछ समय शाम 05 बजकर 17 मिनट से 06 बजकर 18 मिनट तक। भद्रा मुख शाम 06 बजकर 18 मिनट से लेकर रात 8 बजे तक। भद्रा का अंत समय रात 08 बजकर 50 मिनट पर है।। 11 अगस्त को प्रदोषकाल में भद्रा पूंछ के समय शाम 5 बजकर 18 मिनट से 6 बजकर 18 मिनट तक के बीच रक्षा सूत्र बंधवा सकते हैं। इसके अलावा भद्रा समाप्त हो जाने पर रात 08:52:15 से 09:13:18 के बीच राखी बंधवा सकते हैं।
11 अगस्त को पूरे दिन भद्रा व्याप्त है परंतु ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भद्रा मकर राशि में होने से इसका वास पाताल लोक में माना गया है। इसलिए भद्रा का असर नहीं होगा। मेष, वृष, मिथुन, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु या मकर राशि के चन्द्रमा में भद्रा पड़ रही है तो वह शुभ फल प्रदान करने वाली होती है। अत: स्पष्ट है कि रक्षा बंधन को त्योहार 11 अगस्त 2022 को ही मनाया जाना चाहिए।

