Ganesh Utsav 2021 : गणेश उत्सव को लेकर यहां जारी हुआ गाइडलाइन, जानें मूर्ति की ऊंचाई को लेकर क्या आदेश दिया है
मुंबई: इस बार गणेश पूजा के लिए सार्वजनिक पंडालों में 4 फुट तक और घरों में 2 फुट तक ऊंची मूर्तियों को रखने की अनुमति दी गई है. महाराष्ट्र सरकार ने इससे जुड़ी नियमावली (Maharashtra Govt. guidelines for Ganesh Utsav 2021) जारी की है. अब तक गाइडलाइंस नहीं आने की वजह से मूर्ति बनाने वाले कलाकारों के मन में इस बात को लेकर अस्पष्टता थी कि वे किस ऊंचाई तक की मूर्तियां बनाना प्रारंभ करें. गणेश पूजा के आगमन की तिथि निकट आती हुई देख कर राज्य सरकार ने आज नियमावली जारी कर दी है.


इससे पहले मूर्तिकारों ने महाविकास आघाडी सरकार से इस संबंध में शीघ्र नियमावली जारी करने का आग्रह किया था. मूर्तिकारों की ओर से कहा गया था कि गणेश उत्सव के आगमन में अब केवल दो महीने ही बचे हैं. लेकिन राज्य सरकार की ओर से कोई निर्देश नहीं दिया गया है. मूर्तिकारों ने ऊंची मूर्तियां बनानी अब तक प्रारंभ नहीं की हैं. इस बारे में सरकार शीघ्र अपनी नीति स्पष्ट करे कि वे ऊंची मूर्तियां बनाएं अथवा नहीं ? इससे मूर्तिकारों और सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों के आयोजकों के मन में जो भ्रम है, वह दूर होगा.
मूर्तियों की ऊंचाई की सीमा हटाए सरकार
मूर्तिकारों और सार्वजनिक गणेशोत्वस मंडलों ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह इस बार मूर्तियों की ऊंचाई को लेकर कोई सीमा निश्चित ना करे. पिछले साल भी राज्य सरकार ने गणेशोत्सव सादगी से मनाने और 4 फुट से अधिक ऊंची मूर्तियां प्रतिष्ठित करने से रोका था. इस बार इन्हें राज्य सरकार से यह अपेक्षा थी कि यह सीमा हटा दी जाएगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. नई नियमावली में भी 4 फुट से अधिक ऊंची मूर्तियों की प्रतिष्ठापना पर रोक लगा दी गई है.
राज्य के गृहविभाग द्वारा जारी की गई नियमावली के प्रमुख बिंदू
गणेशोत्सव से जुड़ी अनुमति लेनी आवश्यक है.
कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए गणेशोत्सव सादगी से मनाया जाए.
सार्वजनिक गणेशमूर्ति 4 फुट और घरेलू मूर्तियां 2 फुट से ऊंची ना हों.
विसर्जन कृत्रिम तालाब में करें, संभव हो तो शाडू मिट्टी की मूर्तियां बनाई जाएं.
जितना संभव हो पंडालों में भीड़ ना बढ़ाएं.
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बजाए स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रम करवाएं.
आरती, भजन, कीर्तन के समय भीड़ को टालें.
भक्तों की भीड़ ना बढ़े, इसका ध्यान रखते हुए ऑनलाइन पद्धति से दर्शन की व्यवस्था करें
गणेश पंडालों में सैनिटाइजिंग और थर्मल स्क्रिनिंग की पर्याप्त व्यवस्था करें.

