April 20, 2026

अमेरिका से पहले भारत को मिल सकती है नोवावैक्स, कोरोना के खिलाफ 90 फीसदी असरदार

IMG-20210615-WA0002

नई दिल्ली। काेरोना के खिलाफ जारी जंग में भारत के हाथ मजबूत होते दिखाई दे रहे हैं। देश काे बहुत जल्द एक और वैक्सीन मिलने जा रही है, जिसमें नाम है नोवावैक्स । माना जा रहा है नोवावैक्स अमेरिका से पहले भारत में लॉन्ची कर दी जाएगी। देश में अभी तीन वैक्सीन उपलब्ध हैं, जिसमें दो मेड इन इंडिया कोविशील्ड और कोवैक्सीन है और तीसरी रूस की स्पुतनिक-V है।


20 करोड़ डोज उपलब्ध होेने की उम्मीद
कोरोना वैक्सीरन का उत्पानदन कर रही सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) नोवावैक्सू की मैनुफैक्चकरिंग पार्टनर होगी। भारत आने पर इसका नाम `कोवावैक्सं` होगा। फिलहाल SII इस वैक्सीकन का 18 साल से ज्या दा उम्र के लोगों पर ट्रायल कर रही है। ऐसे में उम्मीद है कि नोवावैक्सक की वैक्सीनन को सबसे पहले भारत में इमर्जेंसी अप्रूवल मिल सकता है। भारत सरकार के अनुमान के मुताबिक सितंबर से दिसंबर महीने तक नोवावैक्स के 20 करोड़ डोज उपलब्ध हो सकते हैं। यह संख्या और बढ़ सकती है।

कोविड-19 के खिलाफ अत्याधिक प्रभावी नोवावैक्स
वहीं नोवावैक्स ने दावा किया है कि उसका टीका कोविड-19 के खिलाफ अत्याधिक प्रभावी है और यह वायरस के सभी स्वरूपों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है। कंपनी ने कहा कि टीका कुल मिलाकर करीब 90 फीसदी असरदार है और शुरुआती आंकड़ें बताते हैं कि यह सुरक्षित है। हालांकि अमेरिका में कोविड-19 रोधी टीकों की मांग में कमी आई है, लेकिन दुनिया भर में अधिक टीकों की जरूरत बनी हुई है।

एक महीने में 10 करोड़ खुराकों का होगा उत्पादन
नोवावैक्स टीके को रखना और ले जाने आसान है और उम्मीद की जा रही है कि यह विकासशील देशों में टीके की आपूर्ति को बढ़ाने में अहम किरदार निभाएगा। कंपनी ने कहा कि उसकी योजना सितंबर अंत तक अमेरिका, यूरोप और अन्य जगहों पर टीके के इस्तेमाल के लिए मंजूरी लेने की है और तबतक वह एक महीने में 10 करोड़ खुराकों का उत्पादन करने में सक्षम होगी।


You may have missed