LOCKDOWN : केंद्र ने मुख्य सचिवों को भेजा संदेश, त्यौहारी सीजन में लॉकडाउन लगाने में नहीं करें संकोच
नई दिल्ली: देश में कोरोना की दूसरी लहर (Second Wave of Corona) अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुई है. हालांकि मामलों में कुछ कमी जरूर रिकॉर्ड की गई है. लेकिन कई राज्यों में कोरोना एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है जिस पर केंद्र सरकार (Central Government) पूरी तरह से नजर बनाए हुये है. ऐसे में अब केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के और तेजी से फैलाव होने को रोकने और उससे बचाव के लिये एहतियातन तौर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर आगाह भी किया है.


केंद्र ने खासकर आने वाले त्यौहारों (Festivals) पर पूरी तरह से अलर्ट रहने के निर्देश दिये हैं. साथ ही राज्यों को यह भी निर्देश दिया है कि वह इन त्यौहार कोविड-19 (Covid-19) प्रोटोकॉल उचित व्यवहार (Covid Protocol Appropriate Behaviour) का पालन कराने को त्यौहारी सीजन में प्रतिबंध भी लगा सकते हैं. यह त्यौहार कोरोना स्प्रेडर की भूमिका में देख जा रहे हैं.
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण (Rajesh Bhushan) की ओर से राज्यों को लिखे गये पत्र में राज्यों के मुख्य सचिवों (Chief Secreatries) को चिट्ठी भेजकर आने वाले त्योहारों को लेकर सतर्क किया है. साथ ही साथ पत्र के जरिये यह भी कहा गया है कि भीड़ इकट्ठा न हो इसके लिए राज्य अपने स्तर से पाबंदी लगा सकते हैं.
केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों से स्थानीय प्रतिबंधों (Local Restrications) को लागू करने और सामूहिक समारोहों को रोकने के लिए सक्रिय रूप से विचार करने का आग्रह किया है. मंत्रालय ने आगामी त्यौहारों में मोहर्रम 19 अगस्त, ओणम 21 अगस्त, जन्माष्टमी 30 अगस्त, गणेश चतुर्थी 10 सितंबर और दुर्गा पूजा 5 से 15 अक्टूबर आदि पर बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की संभावना रहती है.
देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और प्रशासकों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पत्र में लिखते हुये कहा है कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) ने त्योहारों के दौरान बड़े पैमाने पर होने वाले कार्यक्रम, भव्य आयोजन में परिवर्तिन न हो जाए, इस पर चिंता व्यक्त की है.

