स्कूलों में यूनिफॉर्म की अनिवार्यता खत्म करने का फैसला लिया गया वापस
रायपुर: कोरोना की तीसरी लहर के कारण जनवरी में बंद हुए स्कूल सोमवार को फिर से खुल गए, लेकिन बच्चों की उपस्थिति कमजोर है। खासकर प्राइवेट स्कूलों ने इक्का-दुक्का ही पहुंच रहे हैं, इसलिए निजी स्कूलों में इस सत्र के बाकी समय यानी 30 अप्रैल तक के लिए बच्चों को स्कूल की यूनिफार्म में ही स्कूल आने की अनिवार्यता खत्म कर दी थी।


जिसके बाद बच्चे इस सत्र के खत्म होने तक सामान्य ड्रेस में स्कूल जा सकते थे। लेकिन इस सूचना के वायरल होने के बाद कर्नाटक जैसा भ्रम फैलने की आशंका के चलते रात 10 बजे आदेश वापस ले लिया गया। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने मंगलवार दोपहर 12 बजे ये सूचना जारी की थी। दरअसल कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले दो साल से स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई लगभग बंद जैसी है। पिछली बार अगस्त 2021 में स्कूल खोलने के शासन के निर्देश जारी हुए। लेकिन सीबीएसई से जुड़े कई प्राइवेट स्कूलों में कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई। ऑनलाइन कक्षाएं ही लगी। जनवरी में फिर स्कूल बंद हुए। उसके बाद सोमवार से स्कूल खोले गए।
इस बीच कई निजी स्कूलों में परीक्षाओं की तैयारी की जा रही हैं। इसके अनुसार शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। फरवरी से परीक्षा शुरू होगी, जो मार्च तक चलेगी। इसके बाद अप्रैल से सीबीएसई का नया सत्र शुरू होगा। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि पैरेंट्स की ओर से ड्रेस की अनिवार्यता इस सत्र के लिए खत्म करने की मांग की जा रही थी। इसकी जानकारी स्कूलों से मिली। इसे लेकर इस सत्र के लिए ड्रेस की अनिवार्यता को खत्म कर दी गई थी। लेकिन रात में इसे वापस लेना पड़ा।
छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता, सचिव मोती जैन का कहना है कि पैरेंट्स की मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया था। इस फैसले के पक्ष में सभी प्राइवेट स्कूल सहमत थे। लेकिन इस मामले को लेकर भ्रम फैलने की आशंका के चलते आदेश को तुरंत वापस ले लिया गया।

