Monkeypox Virus: मंकीपॉक्स वायरस के बढ़ते मामलों के बीच WHO ने बुलाई आपात बैठक
देशभर में कोरोना के मामलों के बीच अब मंकीपॉक्स वायरस के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए आपात बैठक बुलाई है। रूस की मीडिया ने यह जानकारी दी है। मीटिंग का मुख्य एजेंडा इस वायरस के ट्रांसमिशन के कारणों और माध्यमों पर चर्चा करना होगा।


न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, समलैंगिक लोगों के बीच इस वायरस के प्रसार होने का खतरा अधिक है। रूस की स्पूतनिक न्यूज एजेंसी ने शुक्रवार को यह बताया। मई महीने की शुरुआत में ब्रिटेन, स्पेन, बेल्जियम, इटली, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में समेत कई देशो में मंकीपॉक्स वायरस के मामले मिले।
यूके हेल्थ एजेंसी ने 7 मई को इंग्लैंड में मंकीपॉक्स वायरस के पहले मामले की पुष्टि की थी। संक्रमित मरीज नाइजीरिया से लौटा था. वहीं 18 मई को अमेरिका में भी एक व्यक्ति इस वायरस से संक्रमित मिला था, जो कनाडा से यात्रा करके लौटा था।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, मंकीपॉक्स चेचक के वायरस की फैमली से ही जुड़ा है, हालांकि ये बहुत ज्यादा गंभीर नहीं है और विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण की संभावना कम रहती है. इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, सूजन, पीठ दर्द, मांसपेशियों में दर्द और सामान्य रूप से सुस्ती शामिल हैं।
एक बार जब बुखार आ जाता है तो शरीर पर एक दाने विकसित हो सकते हैं। ये दाने अक्सर चेहरे पर शुरू होते हैं, फिर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाते हैं, आमतौर पर हाथों की हथेलियों और पैरों के तलवों में मंकीपॉक्स किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से हो सकता है। ये वायरस त्वचा, रेसिपेटरी ट्रैक या आंख, नाक या मुंह के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकता है। ये संक्रमित जानवरों जैसे बंदरों, चूहों और गिलहरियों, या वायरस से दूषित वस्तुओं, जैसे बिस्तर और कपड़ों के संपर्क में आने से भी फैल सकता है।

