June 2, 2026

BREAKING: भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बनी द्रौपदी मुर्मू, 25 जुलाई को पद के लिए करेंगी शपथ ग्रहण

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नई दिल्लीः भारत के 15वें राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में द्रौपदी मुर्मू ने यशवंत सिन्हा को हरा दिया है। इसी के साथ द्रौपदी मुर्मू भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बन गई हैं। वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है। द्रौपदी मुर्मू 25 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए शपथ ग्रहण करेंगी।


किसे मिले कितने वोट
आज सुबह 11 बजे संसद भवन के कमरा नंबर-63 में वोटों की गिनती शुरू हुई। पहले चरण में सांसदों के वोटों की गिनती हुई। इसमें द्रौपदी मुर्मू को 540 और यशवंत सिन्हा को 208 वोट मिले। 15 सांसदों के वोट को अमान्य करार दिया गया। पहले राउंड की गिनती के बाद द्रौपदी मुर्मू को मिले वोटों का वैल्यू 378000 है जबकि यशवंत सिन्हा को मिले वोटों का वैल्यू 145600 है।

इसके बाद दस राज्यों के विधायकों के वोटों की गिनती में 1138 वैलिड वोट मिले। इनमें से द्रौपदी मुर्मू को 1 लाख 60 हजार 299 वैल्यू के 809 वोट मिले। इस राउंड में यशवंत सिन्हा को 329 वोट मिले, जिसका वोट वैल्यू 44276 है। इन दोनों राउंड को मिलाकर अब तक द्रौपदी मुर्मू को 1349 वोट मिले हैं, जिसका वोट वैल्यू 483299 है। वहीं यशवंत सिन्हा को कुल 537 वोट मिले हैं, जिसका वोट वैल्यू 189876 है।

तीसरे राउंड की गिनती पूरी हो गई है। तीसरे राउंड की मतगणना के बाद द्रौपदी मुर्मू के वोट का मूल्य 5,77,777 है। हालांकि अभी जीत का औपचारिक ऐलाना होना बाकी है। चौथे राउंड की मतगणना जारी है।

देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद ग्रहण करने वाली पहली आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू झारखंड की पूर्व राज्यपाल और ओडिशा की पूर्व मंत्री रह चुकी हैं। भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बनने के साथ ही उन्हें देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति बनने का भी गौरव प्राप्त हुआ है। ठीक 15 साल पहले 21 जुलाई को देश को प्रतिभा पाटिल के रूप में पहली महिला राष्ट्रपति मिलीं थी।

बता दें कि द्रौपदी मुर्मू ने एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ा और उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा का मुकाबला किया। चुनाव में द्रौपदी मुर्मू को बीजू जनता दल, बहुजन समाज पार्टी , अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, तेलुगु देशम पार्टी, युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी, जनता दल (सेक्युलर), शिरोमणि अकाली दल, शिवसेना और झारखंड मुक्ति मोर्चा का समर्थन मिला।


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